राज्य पोषण मिशन,

उत्तर प्रदेश सरकार

   संगठनात्मक संरचना

कार्यालय-ज्ञाप

बच्चों के स्वास्थ्य एवं उनमें कुपोषण के सम्बन्ध में समय-समय पर कराये गये नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-।।। के अनुसार उत्तर प्रदेश में 42 प्रतिशत बच्चे कम वजन के हैं तथा प्रदेश में हर दूसरा बच्चा कुपोषित पाया गया है। कुपोषित बच्चों में मृत्यु की सम्भावना सामान्य बच्चों की तुलना में 09 गुना अधिक होती है। विष्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार बच्चों में लम्बाई के अनुपात में कम वजन होना, किसी भी देश/प्रदेश में स्वास्थ्य और पोशण सेवाओं की गुणवत्ता का आंकलन करने का एक महत्वपूर्ण मापदण्ड है। प्रदेश में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अन्तर्गत समन्वित बाल विकास योजना के माध्यम से आंगनवाड़ी केन्द्र संचालित किये जा रहे हैं और बच्चों, किषोरी, बालिकाओं, गर्भवती/धात्री महिलाओं के लिए अनुपूरक पोषाहार का वितरण कराकर कुपोशण की समस्या को दूर किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी प्रकार चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा भी ग्राम स्वास्थ्य एवं पोशण दिवस पर बच्चों एवं माँ की प्रसव पूर्व जाँच, टीकाकरण एवं आयरन/फोलिक एसिड गोलियों का वितरण किया जाता है तथा चयनित जनपदों में पोशण पुर्नवास केन्द्र स्थापित कर गम्भीर कुपोषित बच्चों का उपचार किया जाता है। फिर भी प्रदेश के बच्चों में कुपोषण की समस्या अभी बनी हुई है।

अतः प्रदेश में कुपोषण की समस्या के प्रभावी समाधान के लिये सम्यक् विचारोपरान्त राज्य पोषण मिशन के गठन का निर्णय लिया गया है। इस हेतु अन्य विभागों से परस्पर समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावी कार्यवाही की जानी है। इस क्रम में जनपद स्तर, विकास खण्ड स्तर तथा ग्राम स्तर तक कुपोषण का वास्तविक आंकलन, आँकड़ों का रखरखाव तथा रणनीति बनाकर इस समस्या का समाधान किया जाना है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग तथा अन्य विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के मध्य समन्वय स्थापित करना तथा कन्वर्जेन्स के माध्यम से उनका प्रभावी उपयोग भी करना होगा। राज्य सरकार, भारत सरकार तथा यूनिसेफ की मदद से इस समस्या के तात्कालिक तथा दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाकर इसका प्रभावी समाधान किया जा सकेगा। इस प्रकार राज्य पोषण मिशन द्वारा बच्चों में कुपोषण की समस्या के प्रभावी समाधान हेतु सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्यवाही समयबद्ध रूप से की जा सकेगी।

राज्य पोषण मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन एवं संचालन हेतु गठित की जा रही समितियों का स्वरूप निम्नवत् हैः-

  • कार्यकारी समिति
  • 1 मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन    अध्यक्ष
    2 प्रमुख सचिव, महिला एवं बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार सदस्य
    3 प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सदस्य
    4 प्रमुख सचिव, चिकित्सा षिक्षा     सदस्य
    5 प्रमुख सचिव, वित्त        सदस्य
    6 प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास सदस्य
    7 प्रमुख सचिव, खाद्य एवं रसद          सदस्य
    8 प्रमुख सचिव, योजना सदस्य
    9 प्रमुख सचिव, पंचायती राज्य सदस्य
    10 प्रमुख सचिव, बेसिक षिक्षा सदस्य
    11 राज्य प्रतिनिधि, यूनीसेफ   सदस्य
    12 महानिदेशक, राज्य पोषण मिशन   सदस्य सचिव
  • कर्तव्य एवं दायित्व
    1. समिति की बैठक त्रैमासिक रूप से मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में आहूत होगी।
    2. त्रैमासिक रूप से पोषण मिशन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की जायेगी एवं मिशन सम्बन्धी कार्ययोजना विषयक निर्णय लिये जायेंगे।
    3. पोषण मिशन कार्यक्रम में सम्बन्धित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा अन्तर्विभागीय संसाधनों को जुटाये जाने के सम्बन्ध में विचार कर निर्णय लिया जायेगा।